समरावता थप्पड़ कांड: नरेश मीणा की जमानत रद्द, गिरफ्तारी वारंट जारी

समरावता थप्पड़ कांड: नरेश मीणा की जमानत रद्द, गिरफ्तारी वारंट जारी

यतीश व्यास 

कोटा। समरावता थप्पड़ कांड मामले में आरोपी पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टोंक स्थित एससी-एसटी मामलों की विशेष अदालत ने उनकी जमानत निरस्त करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।

नरेश मीणा को इस मामले में 13 जुलाई 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। पुलिस का आरोप था कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने विशेष लोक अभियोजक रामावतार सोनी के माध्यम से एससी-एसटी कोर्ट में जमानत रद्द करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था।

पुलिस ने अदालत में दिए आवेदन में बताया कि पीपलोदी स्थित सरकारी विद्यालय की छत गिरने से हुई छात्र मौतों के बाद आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान नरेश मीणा को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इसे हाईकोर्ट की जमानत शर्तों का उल्लंघन बताते हुए जमानत निरस्त करने की मांग की थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत तथ्यों को आधार मानते हुए नरेश मीणा की जमानत रद्द कर दी और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए।

वहीं, नरेश मीणा ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि झालावाड़ स्कूल हादसे में मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात को जमानत शर्तों का उल्लंघन बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलना संविधान की भावना के अनुरूप है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए और पूरे मामले में राजनीतिक दबाव काम कर रहा है।