कोटा: चंद्रैसल मठ हत्याकांड का खुलासा- गद्दी और जमीन के खेल में बहा महंत का खून, विरोधी गुट के कथित अध्यक्ष संतोष राय ने रची हत्या की साजिश, शक से बचने के लिए पैर की सर्जरी के बहाने अस्पताल में भर्ती हो गया था संतोष राय

कोटा: चंद्रैसल मठ हत्याकांड का खुलासा- गद्दी और जमीन के खेल में बहा महंत का खून, विरोधी गुट के कथित अध्यक्ष संतोष राय ने रची हत्या की साजिश, शक से बचने के लिए पैर की सर्जरी के बहाने अस्पताल में भर्ती हो गया था संतोष राय

यतीश व्यास 

कोटा। चंद्रैसल मठ के महंत देवानंद हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले ट्रस्ट के विरोधी गुट के कथित अध्यक्ष सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार महंत की हत्या मठ की करोड़ों रुपए की संपत्ति और ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद के कारण कराई गई। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 5 जून की रात बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित चंद्रैसल मठ में महंत देवानंद की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद मिश्रा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। करीब 100 पुलिसकर्मियों, साइबर सेल, डीएसटी और विभिन्न थानों की टीमों ने संयुक्त रूप से जांच की।

जांच में सामने आया कि लगभग 1100 वर्ष पुराने चंद्रैसल मठ के नाम सैकड़ों बीघा भूमि तथा करोड़ों रुपए की संपत्ति है। मठ के संचालन और ट्रस्ट की कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार महंत देवानंद नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने के प्रयास कर रहे थे, जबकि विरोधी गुट इसका विरोध कर रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया कि विरोधी गुट के कथित अध्यक्ष पेशे से वकील संतोष कुमार राय ने महंत देवानंद को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि उसने आदित्य वर्मा को एक लाख रुपए की सुपारी देकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत 1 जून को आरोपियों को मठ ले जाकर वहां की भौतिक स्थिति और महंत की दिनचर्या की जानकारी दी गई। शक से बचने के लिए संतोष राय 2 जून को जयपुर में पैर की सर्जरी के बहाने अस्पताल में भर्ती हो गया।

पुलिस के अनुसार 5 जून की रात आदित्य वर्मा अपने साथियों अंकित बैरवा, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस और एक अन्य युवक के साथ दो मोटरसाइकिलों पर मठ पहुंचा। आरोपियों ने पहले नंदनवन महाराज के कमरे की बाहर से कुंडी लगाई और फिर महंत देवानंद के कमरे में घुसकर उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए कमरे से बाहर भागने पर आरोपियों ने उन्हें दबोचकर ताबड़तोड़ वार किए और फरार हो गए।

तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संतोष कुमार राय और पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। मामले में मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा, अंकित बैरवा तथा अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।