कोटा में तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 5 साइबर ठग गिरफ्तार, इन्वेस्टमेंट पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर करते थे ठगी, 57 युवतियां मिलीं; 11 लैपटॉप और 102 मोबाइल जब्त

कोटा में तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 5 साइबर ठग गिरफ्तार, इन्वेस्टमेंट पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर करते थे ठगी, 57 युवतियां मिलीं; 11 लैपटॉप और 102 मोबाइल जब्त

यतीश व्यास 

कोटा। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने डिप्टी गंगा सहाय के नेतृत्व में गुमानपुरा क्षेत्र में संचालित तीन अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर पांच अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 11 लैपटॉप, 102 मोबाइल फोन, डेस्कटॉप, हार्ड डिस्क, बड़ी संख्या में डायरी-रजिस्टर और साइबर ठगी की 65 हजार रुपए की राशि बरामद की है।

पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी वेबसाइट www.fina-traders.com के जरिए लोगों को इन्वेस्टमेंट पर मोटे मुनाफे का झांसा देते थे। कॉल सेंटरों में मौजूद युवतियों से लोगों को फोन करवाकर निवेश के लिए आकर्षित किया जाता था।

पुलिस ने बताया कि युवतियों को ओएलएक्स और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। उन्हें लोगों से बातचीत कर निवेश के लिए तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाती थी। प्रत्येक युवती को रोजाना करीब 100 लोगों को फोन करने का टारगेट दिया गया था। कॉल के लिए युवतियों को लोगों के मोबाइल नंबर और अन्य निजी डिटेल उपलब्ध कराई जाती थी।

कार्रवाई के दौरान तीनों कॉल सेंटरों से 57 युवतियां मिलीं। उनके पास ठगी के लिए लोगों से किस तरह बातचीत करनी है, इसकी जानकारी रजिस्टरों में दर्ज थी। पुलिस अब साइबर ठगी में इन युवतियों की भूमिका की जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अशफाक (28), आवेश (18), सैयद अली (24), जावेद अली (22) और मजीत खान (35) के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी मोहम्मद अशफाक पर कॉल सेंटर संचालित करने और साइबर ठगी के नेटवर्क का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। पूछताछ में उसने पहले बेंगलुरु और भोपाल में रहकर भी साइबर ठगी करने की बात बताई है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हजारों लोगों का मोबाइल नंबर और अन्य डेटा गूगल से डाउनलोड कर कॉल सेंटर में इस्तेमाल करना बताया है। पुलिस इस डेटा के स्रोत और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय राजस्थान जयपुर के ऑपरेशन ई-म्यूल हंटर और साइबर शील्ड के तहत की गई। मामले में गुमानपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच जारी है।