कोटा: एमआईसीएस सर्जरी से बिना हड्डी काटे हार्ट का ऑपरेशन

कोटा: एमआईसीएस सर्जरी से बिना हड्डी काटे हार्ट का ऑपरेशन

यतीश व्यास 

कोटा। श्रीजी एवं कोटा हार्ट हॉस्पिटल में हृदय रोगों के उपचार और शल्य चिकित्सा की आधुनिक सुविधाओं को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। अस्पताल निदेशक डॉ. राकेश जिंदल ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र में संभवतः अस्पताल में ही तीन पूर्णतया आधुनिक एवं सुसज्जित हृदय शल्य चिकित्सा ऑपरेशन थिएटर कार्यशील हैं, जिससे अधिक मरीजों का उपचार करने के साथ उनकी सुरक्षा भी बढ़ती है।

डॉ. विक्रम गोयल ने बताया कि अस्पताल में नियमित रूप से न्यूनतम चीरे वाली हृदय शल्य चिकित्सा की जा रही है। इस तकनीक में छाती की हड्डी नहीं काटनी पड़ती और वायरिंग की आवश्यकता नहीं होती। छोटे चीरे, कम दर्द व रक्तस्राव तथा तेजी से स्वस्थ होने के कारण मरीजों को काफी सुविधा मिलती है। महिलाओं में इसके निशान भी बेहद कम दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का उपयोग दुनिया में करीब 21 वर्षों से हो रहा है और उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा का करीब 30 वर्षों का अनुभव है।

डॉ. विनीत चावला ने बताया कि अस्पताल में बाईपास सर्जरी, हृदय वाल्व का प्रत्यारोपण एवं मरम्मत, जन्मजात हृदय रोग, महाधमनी की सर्जरी सहित जटिल हृदय एवं वक्ष रोगों की शल्य चिकित्सा नियमित रूप से की जा रही है। डॉ. जिंदल ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन हाड़ौती में अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि क्षेत्र के साथ देश-विदेश के मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सके।