महाराष्ट्र की लोककला, ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ ने कोटा में बिखेरा रंग, कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

महाराष्ट्र की लोककला, ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ ने कोटा में बिखेरा रंग, कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

यतीश व्यास 

कोटा। गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के अवसर पर महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को देशभर में पहुंचाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से महाराष्ट्रीय समाज, पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर सभागृह, डड़वाड़ा में ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कोटा महाराज एवं पूर्व सांसद इज्यराज सिंह सहित डॉ. अशोक शारदा, डॉ. मीनाक्षी शारदा, डॉ. संगीता सक्सेना एवं डॉ. राजीव सक्सेना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कलाकारों ने महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककलाओं नमन, गण, जाखड़ी नृत्य, धनगरी नृत्य, कोली नृत्य तथा जागरण-गोंधल की प्रस्तुतियां दी। 

महाराष्ट्रीय समाज के अध्यक्ष अनिल खांडेकर, सचिव भावना काले एवं ब्रह्म महाराष्ट्र मंडल के प्रांतीय कार्यवाहक अमोल चावरेकर ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक भावे, शिरीष पुराणिक, विशाल उपाध्याय, हरीश खांडेकर, सतीश लेते एवं विजय नायक का सम्मान किया गया। समन्वयक उदय साटम ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग दिया।

कार्यक्रम महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। समाज की न्यासी डॉ. राजश्री गोहदकर ने आभार व्यक्त किया।