कोटा- सीमाओं को लांघने की तैयारी, ट्रांस एम बाइक रेस में तिरंगा लेकर 6000 KM साइकिलिंग करेंगे नितिन सैनी

कोटा- सीमाओं को लांघने की तैयारी, ट्रांस एम बाइक रेस में तिरंगा लेकर 6000 KM साइकिलिंग करेंगे नितिन सैनी

यतीश व्यास 

कोटा। शहर के अल्ट्रा एंड्योरेंस साइक्लिस्ट एवं फिटनेस प्रमोटर नितिन सैनी ने विश्व की सबसे कठिन मानी जाने वाली ट्रांस एम बाइक रेस में भाग लेने का ऐलान किया है। करीब 6000 किलोमीटर लंबी यह प्रतिष्ठित सेल्फ-सपोर्टेड साइक्लिंग रेस 7 जून से अमेरिका के पश्चिमी तट एस्टोरिया (ओरेगन) से शुरू होकर पूर्वी तट वर्जीनिया तक आयोजित होगी। इस चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता के माध्यम से नितिन सैनी न केवल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि युवाओं को फिटनेस और साहस के लिए भी प्रेरित करेंगे।

ट्रांस एम बाइक रेस को दुनिया की सबसे कठिन अल्ट्रा-साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में गिना जाता है, जिसमें प्रतिभागियों को पहाड़ों, रेगिस्तानी क्षेत्रों, तेज हवाओं, अत्यधिक गर्मी और बदलते मौसम के बीच सीमित संसाधनों के सहारे हजारों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। रेस के दौरान खिलाड़ियों को अपनी रणनीति, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता का सर्वोच्च प्रदर्शन करना होता है।

नितिन सैनी इससे पहले यूरोप की नॉर्थकेप 4000 अल्ट्रा साइक्लिंग चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। अब उनका लक्ष्य दुनिया के सबसे बड़े अल्ट्रा-साइक्लिंग मंच पर भारत का तिरंगा फहराना है। उन्होंने बताया कि रेस की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं, जिसके तहत प्रतिदिन लंबी दूरी की साइक्लिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, न्यूट्रिशन मैनेजमेंट, रिकवरी प्रोटोकॉल और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान नितिन सैनी ने कहा कि यह अभियान केवल उनकी व्यक्तिगत खेल यात्रा नहीं है, बल्कि फिट इंडिया, एक्टिव इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि यदि युवा नियमित रूप से साइक्लिंग और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक सशक्त बन सकते हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट संस्थानों, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और साइक्लिंग समुदाय से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह पूरे राजस्थान और भारत के लिए गौरव का अवसर है।

नितिन सैनी ने कहा, नॉर्थकेप 4000 ने मुझे यह सिखाया कि इंसान की सीमाएं उसकी सोच से कहीं आगे होती हैं। ट्रांस एम बाइक रेस मेरे लिए सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के साहस, संकल्प और सपनों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है।