कोटा: एमएसपी केंद्रों पर किसानों से अन्याय, क्वालिटी के नाम पर गेहूं नहीं खरीदा जा रहा- प्रहलाद गुंजल

कोटा: एमएसपी केंद्रों पर किसानों से अन्याय, क्वालिटी के नाम पर गेहूं नहीं खरीदा जा रहा- प्रहलाद गुंजल

यतीश व्यास 


कोटा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद केंद्रों पर गेहूं की तुलाई में अव्यवस्था को लेकर पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद केंद्रों पर अन्नदाता का अपमान हो रहा है और सरकार, प्रशासन व एफसीआई मिलकर किसानों को परेशान कर रहे हैं। गुंजल ने कहा कि क्वालिटी के नाम पर किसानों का गेहूं नहीं तौला जा रहा। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से गेहूं की गुणवत्ता में थोड़ा फर्क आया है, लेकिन इसे आधार बनाकर एफसीआई खरीद से इनकार कर रही है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

उन्होंने बताया कि प्रति बीघा साढ़े छह क्विंटल की सीमा तय की जा रही है, जबकि कई किसानों का उत्पादन साढ़े आठ क्विंटल तक है। ऐसे में अतिरिक्त गेहूं बेचने को लेकर किसान असमंजस में हैं।

गुंजल ने कहा कि खरीद केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग से लेकर तुलाई तक किसान परेशान हो रहे हैं, जबकि सरकार के प्रतिनिधि व्यवस्था सुचारू होने के दावे कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

मंडी में तुलाई के इंतजार में किसान की मौत-

कोटा की भामाशाह कृषि उपज मंडी में गेहूं बेचने आए एक किसान की मौत पर भी गुंजल ने दुख जताया। उन्होंने बताया कि देवली मांझी क्षेत्र के झाड़ आमली गांव निवासी किसान हंसराज बैरागी तुलाई के इंतजार में मंडी में ही बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।

गुंजल ने आरोप लगाया कि मंडी से करोड़ों का राजस्व लेने वाली सरकार समय पर प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकारी अव्यवस्थाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जल्द ही किसानों से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।