कोटा- आखिर किसका था विवादित मकान जो जमींदोज हुआ? इतने साल बाद अब क्यों जता रही किन्नर अपना हक, पढ़िए मकान की इनसाइड स्टोरी

कोटा- आखिर किसका था विवादित मकान जो जमींदोज हुआ? इतने साल बाद अब क्यों जता रही किन्नर अपना हक, पढ़िए मकान की इनसाइड स्टोरी

यतीश व्यास 


कोटा। शहर के गुमानपुरा थाना क्षेत्र के घोसी मोहल्ले में मंगलवार शाम वर्षों से विवादित एक तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आसपास खड़े कुछ वाहन मलबे में दब गए।

गुमानपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल के मुताबिक, मकान के वास्तविक मालिक का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। वहीं पड़ोसियों के अनुसार यह मकान किन्नर समुदाय की रेखा बाई का बताया जा रहा है, जिनका वर्ष 2021 में निधन हो चुका है।

विवाद की जड़ में पुराना संबंध-

स्थानीय जानकारी के अनुसार रेखा बाई ने आयशा के पिता राजू को बचपन में गोद लिया था। राजू के निधन के बाद आयशा और उसकी मां ही रेखा बाई की देखभाल कर रही थीं। दूसरी ओर क्षेत्र में मनीषा बाई और नैना देवी बधाई का कार्य कर रेखा बाई को देती थीं। रेखा बाई के निधन के बाद से ही इस मकान को लेकर मनीषा और आयशा के बीच विवाद शुरू हो गया।

बताया जा रहा है कि रेखा बाई अशिक्षित थीं और उन्होंने किसी के नाम मकान के दस्तावेज तैयार नहीं किए थे। उनके निधन के बाद मकान लंबे समय से बंद पड़ा था।

मरम्मत के दौरान ढहा मकान-

सूत्रों के अनुसार हाल ही में मकान में मरम्मत कार्य शुरू किया गया था, इसी दौरान जर्जर भवन अचानक गिर गया। यह भी सामने आया है कि इस विवादित संपत्ति के किसी पक्ष के पास वैध दस्तावेज मौजूद नहीं हैं।

दावेदारी पर सवाल, कार्रवाई की मांग-

उद्योग नगर क्षेत्र की किन्नर गद्दीपति मनीषा द्वारा मकान पर दावेदारी की जा रही है, लेकिन दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि यदि मकान पर दावा था, तो समय रहते उसकी मरम्मत क्यों नहीं करवाई गई। मकान गिरने के बाद अब अचानक दावेदारी सामने आने से भी संदेह गहरा गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मनीषा किन्नर स्वयं को मालिक बता रही हैं, तो मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और संपत्ति के वास्तविक मालिक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।