निर्भीक पत्रकारिता से ही मजबूत होगा लोकतंत्र: जार सम्मेलन में उठी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग

निर्भीक पत्रकारिता से ही मजबूत होगा लोकतंत्र: जार सम्मेलन में उठी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग

यतीश व्यास

कोटा/जयपुर। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) जयपुर ग्रामीण का जिला पत्रकार सम्मेलन एवं कार्यकारिणी शपथ ग्रहण समारोह रविवार को जमवारामगढ़ स्थित अनंत रिजॉर्ट्स में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता को समय की जरूरत बताया।

समारोह में जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीणा, पद्मश्री एवं पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया, पूर्व विधायक गोपाल मीणा तथा नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी मौजूद रहे।

इस दौरान सुरेश शर्मा को अध्यक्ष, बजरंग शर्मा को महासचिव, बनवारी लाल शर्मा को कोषाध्यक्ष, मनोज गर्ग, गिरिराज शर्मा और राजेश मीणा को उपाध्यक्ष, प्रवीण मुद्गल को मीडिया प्रभारी तथा उमेश शर्मा एवं लक्ष्मी नारायण यादव को सचिव पद की शपथ दिलाई गई।

मुख्य अतिथि कृष्णा पूनिया ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता कई चुनौतियों से घिरी हुई है। जब पत्रकार जनता की समस्याओं को सामने लाते हैं तो कई बार सरकार और प्रशासन असहज हो जाते हैं, लेकिन पत्रकारों की लेखनी को जनता की आवाज मानकर उसका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती पत्रकारों की निष्पक्षता और साहस पर निर्भर करती है।

विधायक महेंद्र पाल मीणा ने जार को मजबूत और सक्रिय संगठन बताते हुए कहा कि यह हमेशा पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए अग्रणी रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों की मांगों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंचाया जाएगा ताकि समस्याओं का समाधान हो सके।

पूर्व विधायक गोपाल मीणा ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उन्हें निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। वहीं वरिष्ठ पत्रकार लल्लू लाल शर्मा ने पत्रकारों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और संगठन के माध्यम से आवाज उठाने का आह्वान किया।

एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, नेशनल जर्नलिस्ट्स रजिस्ट्रार एवं मीडिया काउंसिल के गठन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जर्नलिस्ट्स वर्किंग एक्ट समाप्त होने से पत्रकारों की आजीविका और मानदेय प्रभावित हो रहे हैं।

जार के प्रदेश अध्यक्ष संजय सैनी और प्रदेश महासचिव सुरेश पारीक ने कहा कि संगठन पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर संघर्षरत है और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुँचाता रहेगा।