कोटा- नीट-यूजी 2026: पेपर मॉडरेट, बायोलॉजी रही स्कोरिंग, फिजिक्स ने बढ़ाई मुश्किल, 95% सवाल एनसीईआरटी आधारित

कोटा- नीट-यूजी 2026: पेपर मॉडरेट, बायोलॉजी रही स्कोरिंग, फिजिक्स ने बढ़ाई मुश्किल, 95% सवाल एनसीईआरटी आधारित

यतीश व्यास 

कोटा 3 मई। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बार का पेपर ओवरऑल मॉडरेट रहा।

विशेषज्ञों के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत प्रश्न एनसीईआरटी आधारित रहे, हालांकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री में 2-3 सवाल ऐसे भी रहे जिन्हें छात्रों ने अस्पष्ट या सीमित रूप से एनसीईआरटी से बाहर का माना।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर नितिन विजय ने बताया कि परीक्षा बैलेंस्ड रही, लेकिन इसमें स्पीड और एक्यूरेसी का संतुलन ही रैंक तय करने वाला फैक्टर बना। उनका कहना है कि अब केवल एनसीईआरटी पढ़ना पर्याप्त नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और एग्जाम टेम्परामेंट भी उतने ही जरूरी हो गया। 

इस वर्ष भी फिजिक्स ने अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा चुनौती दी। मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोडायनामिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से कॉन्सेप्चुअल प्रश्न पूछे गए। फिजिक्स में न्यूमेरिकल और थ्योरी का अनुपात लगभग 60:40 रहा। 
वहीं केमिस्ट्री सेक्शन संतुलित रहा, लेकिन फिजिकल केमिस्ट्री के कैलकुलेशन आधारित सवालों ने छात्रों का समय लिया। इसके अलावा इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री लगभग पूरी तरह एनसीईआरटी आधारित रही।

बायोलॉजी को अपेक्षाकृत स्कोरिंग माना गया, हालांकि इसमें असर्शन-रीजन और स्टेटमेंट आधारित 30 से अधिक प्रश्न पूछे गए। बॉटनी सेक्शन में डायग्राम, मैच-द-कॉलम और मल्टी-कॉन्सेप्ट सवालों ने पेपर को अधिक विश्लेषणात्मक बना दिया। विशेषज्ञों के अनुसार यह पेपर उन ड्रॉपर्स के लिए अधिक अनुकूल रहा, जिन्होंने कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और टेस्ट प्रैक्टिस पर फोकस किया था। वहीं फ्रेशर्स के लिए लंबा पेपर चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

रैंक का अनुमान-

विश्लेषण के अनुसार 650+ स्कोर पर 5,000 से 8,000 रैंक, 600+ पर 25,000 से 30,000 रैंक, जबकि 550+ पर स्टेट कोटा से सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मोशन ने जारी की अनऑफिशियल आंसर-की-

संस्थान द्वारा परीक्षा के दो घंटे के भीतर अनौपचारिक आंसर-की जारी कर दी गई है, जिससे छात्र अपने संभावित अंकों का आकलन कर सकते हैं। आधिकारिक आंसर-की बाद में जारी होगी।

2.65 लाख सीटों के लिए परीक्षा-

नीट-यूजी के माध्यम से देशभर में मेडिकल, डेंटल, आयुष, वेटरनरी और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की करीब 2.65 लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इनमें एमबीबीएस की लगभग 1.29 लाख सीटें शामिल हैं, जिनमें करीब 63 हजार सरकारी और 65 हजार से अधिक निजी/डीम्ड कॉलेजों की सीटें हैं।