कोटा: 384 वर्ष पुराने श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर को मिलेगा नया स्वरूप, 12 जुलाई से शुरू होंगे पुनः प्रतिष्ठा के आयोजन

कोटा: 384 वर्ष पुराने श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर को मिलेगा नया स्वरूप, 12 जुलाई से शुरू होंगे पुनः प्रतिष्ठा के आयोजन

यतीश व्यास 

कोटा। शहर के मोखापाड़ा स्थित 384 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद अब पुनः प्रतिष्ठा स्थापना महोत्सव का आयोजन 12 से 15 जुलाई तक भव्य धार्मिक माहौल में किया जाएगा। श्री गौतम गौड़ हितकारिणी समिति कोटा के तत्वावधान में आयोजित इस चार दिवसीय महोत्सव में वैदिक परंपराओं के अनुरूप विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। आयोजन में संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों और समाज के गणमान्य लोगों की सहभागिता रहेगी।

महोत्सव का शुभारंभ 12 जुलाई को सुबह 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। धार्मिक ध्वजों, बैंड-बाजों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकलने वाली यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर पहुंचेगी। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ होगा।

आयोजन संयोजक हीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि महोत्सव में संत शिरोमणि श्री बालकिशन जी महाराज (ककोड़ वाले) का विशेष सान्निध्य रहेगा। वहीं मुख्य आचार्य पंडित संजय चतुर्वेदी के निर्देशन में सभी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।

मंदिर अध्यक्ष प्रमोद गौतम एवं महामंत्री डॉ. बृज सुंदर गौतम ने बताया कि 13 जुलाई को सुबह 9 बजे गणपति पूजन एवं विष्णु सहस्त्रनाम पाठ का आयोजन होगा। 14 जुलाई को भगवान का अभिषेक, वैदिक हवन एवं विशेष पूजन संपन्न होगा। इसी दिन रात्रि 9 बजे संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा। 

एडवोकेट मनोज गौतम ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन 15 जुलाई को सुबह 9 बजे विद्वान आचार्यों द्वारा भगवान श्री लक्ष्मीनाथ एवं महर्षि गौतम की प्रतिमाओं की वैदिक विधि-विधान से पुनः प्रतिष्ठा स्थापना की जाएगी। इसके बाद 108 दीपों से भगवान श्री लक्ष्मीनाथ की भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा।

चार दशक नहीं बल्कि लगभग चार शताब्दियों की धार्मिक विरासत समेटे यह मंदिर पुनः श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। महोत्सव को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल है।