यमुना जल समझौता मरुधरा की प्यास बुझाने में मील का पत्थर बनेगा: छगन माहुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर आगमन पर एयरपोर्ट पर बीजेपी नेताओं ने किया स्वागत

यमुना जल समझौता मरुधरा की प्यास बुझाने में मील का पत्थर बनेगा: छगन माहुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर आगमन पर एयरपोर्ट पर बीजेपी नेताओं ने किया स्वागत

यतीश व्यास 

कोटा: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर ने यमुना जल समझौते के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर आगमन पर एयरपोर्ट पर भाजपा पदाधिकारियों के साथ उनका स्वागत कर इस समझौते के लिए आभार व्यक्त किया।

माहुर ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए एमओयू से प्रदेश, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के लिए नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान हथिनीकुंड से राजस्थान को पानी मिलेगा तथा करीब 295 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से झुंझुनूं, सीकर और चूरू सहित शेखावाटी के कई क्षेत्रों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा। इससे वर्षों पुराना पेयजल संकट कम होगा और भूजल स्तर में भी सुधार आएगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में इस परियोजना का प्रारूप तैयार हुआ था, लेकिन कांग्रेस सरकारों ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से अब यह समझौता संभव हो सका है। माहुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा इस मुद्दे पर राजनीति की, जबकि भाजपा ने संवाद और समन्वय के माध्यम से समाधान निकाला।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए माहुर ने कहा कि वे तीन बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन यमुना जल समझौते को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत ने प्रदेशवासियों को यह कहकर गुमराह किया कि राजस्थान को हरियाणा से कभी यमुना का पानी नहीं मिल सकता।

माहुर ने कहा कि गहलोत ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि राजस्थान को यमुना का पानी मिल गया तो वे स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का फूलों की माला पहनाकर स्वागत करेंगे। अब जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा और राजस्थान के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, उन्हें अपना वादा निभाना चाहिए।