कोटा: सिग्नल विभाग की सुविधाएं बढ़ेंगी, जीएम ने हर स्टेशन पर अलग कक्ष बनाने के दिए निर्देश

कोटा: सिग्नल विभाग की सुविधाएं बढ़ेंगी, जीएम ने हर स्टेशन पर अलग कक्ष बनाने के दिए निर्देश

यतीश व्यास 

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने जोन के सभी रेलवे स्टेशनों पर सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन (एसएंडटी) विभाग के लिए अलग कक्ष उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कक्ष में अलमारी, टेबल और दो-तीन कुर्सियों की व्यवस्था भी की जाएगी।

वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ की ओर से आयोजित एसएंडटी सेमिनार में जीएम ने कहा कि रेलवे संचालन में सिग्नल व्यवस्था की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और विभाग की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने सिग्नल फेलियर को शून्य तक लाने पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ‘कवच’ प्रणाली रेलवे सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही जबलपुर में 120 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ट्रेनिंग स्कूल बनाया जा रहा है तथा कोटा के इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग सेंटर के लिए भी धन उपलब्ध कराया जाएगा।

सेमिनार में मजदूर संघ के जोनल महामंत्री अशोक शर्मा ने एसएंडटी कर्मचारियों के लिए आठ घंटे की शिफ्ट, प्रत्येक स्टेशन पर शिफ्ट ड्यूटी, हेल्परों के पदोन्नति के अवसर, फेलियर अलाउंस, रिस्क अलाउंस तथा सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

डीआरएम अनिल कालरा, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी एस.डी. पाटीदार, प्रमुख मुख्य अभियंता (एसएंडटी) एकनाथ मोहकर तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेश मित्तल ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। अधिकारियों ने नई तकनीकों पर प्रेजेंटेशन देते हुए बेहतर समन्वय और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर बल दिया।

कार्यक्रम में रेलवे प्रशासन एवं मजदूर संघ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में एसएंडटी विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।