कोटा- 17 घंटे अवैध हिरासत में रखने और झूठी रिपोर्ट बनाकर पाबंद कराने का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

कोटा- 17 घंटे अवैध हिरासत में रखने और झूठी रिपोर्ट बनाकर पाबंद कराने का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

यतीश व्यास 

कोटा। महावीर नगर थाना पुलिस के खिलाफ एक युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपा है। आरकेपुरम निवासी मयंक कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि महावीर नगर थानाधिकारी सहित कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें बिना किसी वैध कारण के हिरासत में रखा, मानसिक प्रताड़ना दी तथा बाद में झूठी एवं मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार कर एडीएम सिटी के समक्ष प्रस्तुत कर छह माह के लिए पाबंद करा दिया।

परिवाद में मयंक शर्मा ने बताया कि 22 मई की रात करीब 9 बजे पुलिस उनकी डेयरी पर पहुंची और बिना कारण बताए उन्हें अपराधियों की तरह पकड़कर पुलिस वाहन में बैठा लिया। उनका आरोप है कि रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, मारपीट की और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें महावीर नगर थाने लाकर लॉकअप में बंद कर दिया गया।

मयंक का कहना है कि उनकी पत्नी सात माह की गर्भवती है और 16 माह का पुत्र भी है। सूचना मिलने पर पत्नी थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने उसे भी मिलने नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें करीब 16 से 17 घंटे तक हिरासत में रखा गया और बाद में एडीएम सिटी के समक्ष पेश कर जमानत कराई गई।

शर्मा ने बताया कि मामले की नकल प्राप्त होने पर उन्हें पता चला कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में घटनाक्रम, समय और तारीख तक गलत दर्शाई गई है। उनका दावा है कि जिस समय उनके खिलाफ कथित घटना दर्शाई गई, उस समय वे पहले से ही थाने के लॉकअप में बंद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने झूठे तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर एडीएम सिटी को गुमराह किया और उन्हें पाबंद कराया।

परिवाद में उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है तथा वे और उनकी पत्नी मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी पुलिस द्वारा झूठे मामलों में फंसाए जाने की आशंका जताई है।

मयंक शर्मा ने पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।