कोटा- ठंडे जल से स्नान और आमरस के भोग के बाद “बीमार” हुए भगवान, 14 दिन बंद रहेंगे जगदीश मंदिर के पट

कोटा- ठंडे जल से स्नान और आमरस के भोग के बाद “बीमार” हुए भगवान, 14 दिन बंद रहेंगे जगदीश मंदिर के पट

यतीश व्यास 

कोटा। शहर के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सदियों पुरानी अनूठी परंपरा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई गई। मान्यता के अनुसार भगवान जगदीश, बलभद्र और सुभद्रा को गर्मी के मौसम में विशेष स्नान और आमरस का भोग लगाने के बाद अस्वस्थ माना जाता है। इसी परंपरा के तहत भगवान को 14 दिनों के बीमारी अवकाश पर भेज दिया गया।

मंदिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना के साथ 51 जलकलशों एवं पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 

परंपरा अनुसार भगवान को करीब 200 किलो आमरस का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक मान्यता है कि ठंडे जल से स्नान और आमरस ग्रहण करने के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए उन्हें विश्राम दिया जाता है। महाआरती और भोग के बाद रात करीब 9 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। अब आगामी 14 दिनों तक भगवान विश्राम करेंगे और इस दौरान मंदिर में विशेष नियमों के तहत पूजा-अर्चना की जाएगी।

इस दौरान मंदिर में विशेष सावधानियां भी बरती जाती हैं। भगवान के विश्राम में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए मंदिर की घंटियों और झालरों को कपड़ों से ढक दिया जाता है। आगामी 14 दिनों तक पुजारी भगवान के स्वास्थ्य लाभ की प्रतीकात्मक सेवा करते हैं। परंपरा के अनुसार प्रतिदिन भगवान को दूध एवं काली मिर्च से तैयार विशेष काढ़े का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे स्वास्थ्य लाभ का प्रतीक माना जाता है।