कोटा- अपहरण के बाद रेलकर्मी के मासूम बच्चे की हत्या, पत्थरों से कुचला चेहरा, शव झाड़ियों में मिला, नाबालिग हिरासत में

कोटा- अपहरण के बाद रेलकर्मी के मासूम बच्चे की हत्या, पत्थरों से कुचला चेहरा, शव झाड़ियों में मिला, नाबालिग हिरासत में

यतीश व्यास 

कोटा। रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बालक के अपहरण के बाद निर्मम हत्या का मामला सामने आने से शहर में सनसनी फैल गई। मृतक मयंक रेलकर्मी का पुत्र था, जो सोमवार शाम घर से खेलने निकला था लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जिसने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया।

जानकारी के अनुसार अमर सिंह मीणा रेलवे वर्कशॉप की बॉडी रिपेयर शॉप में फिटर के पद पर कार्यरत हैं और सोगरिया पेट्रोल पंप के पीछे नई बस्ती क्षेत्र में किराए के मकान में रहते हैं। उनका 10 वर्षीय बेटा मयंक सोमवार शाम करीब 5 बजे साइकिल लेकर खेलने निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। बाद में रेलवे कॉलोनी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। फुटेज में एक 14-15 वर्षीय किशोर मयंक को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने उसकी पहचान कर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि किशोर पूनम कॉलोनी लेबर चौराहे के पास रहने वाले एक पताशा विक्रेता का पुत्र है।

शुरुआत में किशोर ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में पूछताछ में टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसने मयंक की हत्या कर शव रेलवे वर्कशॉप के सामने की झाड़ियों में फेंक दिया है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किशोर की निशानदेही पर बालक का शव बरामद किया। शव की हालत बेहद भयावह थी। चेहरा नुकीले पत्थरों से बुरी तरह कुचला हुआ मिला। शव का कुछ हिस्सा जानवरों द्वारा नोच लिया गया था।

पुलिस पूछताछ में आरोपी किशोर ने बताया कि उसने मयंक से 200 रुपए मांगे थे। रुपए नहीं देने पर पहले बेल्ट से मारपीट की और बाद में पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। 
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक जांच-पड़ताल के बाद शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।

रेल कर्मचारियों का प्रदर्शन-

घटना से आक्रोशित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी और समाजबंधु मौके पर जमा हो गए। देर रात रेलवे वर्कशॉप गेट के बाहर कर्मचारियों ने रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और डीआरएम व मुख्य कारखाना प्रबंधक को मौके पर बुलाने की मांग की। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो बुधवार सुबह विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।