विश्व वानिकी सप्ताह का आगाज: संगोष्ठी, पौधरोपण और क्विज से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विश्व वानिकी सप्ताह का आगाज: संगोष्ठी, पौधरोपण और क्विज से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

यतीश व्यास 

कोटा, 23 मार्च। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड, स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को विश्व वानिकी सप्ताह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन स्काउट-गाइड जिला यूथ कमेटी के सहयोग से आंवली वन क्षेत्र में संगोष्ठी, पौधरोपण एवं क्विज प्रतियोगिता सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सहकार भारती के जिलाध्यक्ष राधेश्याम पारेता रहे, जबकि अध्यक्षता स्काउट-गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के सचिव एवं जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने की। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राधेश्याम पारेता ने कहा कि वृक्ष न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार भी हैं। वहीं प्रकाश जायसवाल ने ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण करने और उनके संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम में जिला उपप्रधान विजय माहेश्वरी, पर्यावरणविद् हरेंद्र सिंह, शिक्षा सहकारी के उपाध्यक्ष महेंद्र नागर, मंत्री जमनालाल गुर्जर, डायरेक्टर दिनेश कुमार मीणा तथा हाड़ौती युवा संघ समिति के अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश नायक उपस्थित रहे।

इस दौरान अतिथियों एवं स्काउट-गाइड्स ने आंवली वन क्षेत्र में नीम, पीपल, बरगद, गुलर, सहजन, अर्जुन और आम सहित विभिन्न प्रजातियों के 85 पौधे रोपित किए।

वृक्षारोपण के पश्चात विद्यार्थियों एवं स्काउट-गाइड्स के लिए पर्यावरण एवं वानिकी विषयक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को अतिथि महेंद्र नागर, जमनालाल गुर्जर एवं दिनेश कुमार मीणा द्वारा पुरस्कृत किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रभुलाल प्रजापति, प्रहलाद गुर्जर एवं छोटू लाल पोसवाल को ‘वृक्ष मित्र’ सम्मान से नवाजा गया।

कार्यक्रम संयोजक मनराज गुर्जर ने बताया कि इस अभियान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा, नयागांव, रोझड़ी एवं आंवली के विद्यार्थियों सहित जिला यूथ कमेटी के पदाधिकारी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास, मां कल्याणी ओपन रेंजर टीम, सरोजिनी नायडू ओपन गाइड कंपनी तथा चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्र स्काउट क्रू व ट्रूप के रोवर-रेंजर और कब-बुलबुल ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।