‘एक परिंडा मेरा भी’ अभियान के तहत संस्कृत कॉलेज में बांधे गए परिंडे

‘एक परिंडा मेरा भी’ अभियान के तहत संस्कृत कॉलेज में बांधे गए परिंडे

यतीश व्यास 

बूंदी 25 अप्रेल। पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करना केवल पुण्य का कार्य ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बात राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय बूंदी की प्राचार्य डॉ. रश्मि अग्रवाल ने कही। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में जब प्राकृतिक जल स्रोत सूख जाते हैं, तब लोगों की छोटी-छोटी पहल भी बेजुबान पक्षियों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

उमंग संस्थान द्वारा चलाए जा रहे एक परिंडा मेरा भी अभियान के तहत छत्रपुरा स्थित राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय परिसर में सुप्रीम फाउंडेशन के सहयोग से पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर दाना-पानी की व्यवस्था की गई। इस दौरान परिसर में कई स्थानों पर मिट्टी के पात्र लगाए गए, ताकि पक्षियों को गर्मी में राहत मिल सके।

उमंग संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सविता लौरी ने अभियान की जानकारी देते हुए आमजन से अपील की कि वे अपने घरों की छतों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर भी पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से न केवल पक्षियों की रक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।

कार्यक्रम में डॉ. आभा जैन, डॉ. सविता लौरी, बुद्धिप्रकाश गौतम, अभिषेक शर्मा, पुलोयजा गौतम सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।