कोटा में पार्षद चुनाव के लिए मुख्यमंत्री उतरे सड़क पर, क्या भाजपा को है हार का डर?

कोटा में पार्षद चुनाव के लिए मुख्यमंत्री उतरे सड़क पर, क्या भाजपा को है हार का डर?

यतीश व्यास 

कोटा। नगर निगम चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। स्थिति यह है कि वार्ड पार्षदों के चुनाव के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी कोटा की सड़कों पर रोड शो करना पड़ा। मंगलवार को कैथूनीपोल से निकले मुख्यमंत्री के रोड शो ने नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।

आमतौर पर मुख्यमंत्री स्तर के नेताओं की चुनावी सभाएं विधानसभा या लोकसभा जैसे बड़े चुनावों में देखने को मिलती हैं, लेकिन नगर निगम के पार्षद चुनाव में मुख्यमंत्री का रोड शो भाजपा की चुनावी स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। चर्चा है कि भाजपा को स्थानीय स्तर पर अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है और इसी कारण पार्टी को अपने सबसे बड़े चेहरे को चुनाव प्रचार में उतारना पड़ा।

विपक्षी दलों का कहना है कि मुख्यमंत्री का रोड शो भाजपा की मजबूती नहीं, बल्कि चुनावी चिंता का संकेत है। उनका तर्क है कि यदि भाजपा प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत होती और पार्टी को अपनी जीत पर पूरा भरोसा होता तो वार्ड स्तर के चुनाव में मुख्यमंत्री को प्रचार के लिए उतरने की जरूरत नहीं पड़ती।

नगर निगम चुनाव में मुख्यमंत्री की सक्रियता को लेकर कांग्रेस भी भाजपा पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा को कई वार्डों में कड़ी चुनौती मिल रही है और पार्टी को संभावित नुकसान की आशंका सता रही है।

हालांकि भाजपा मुख्यमंत्री के रोड शो को कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और मतदाताओं तक पार्टी की पहुंच मजबूत करने का प्रयास बता रही है, लेकिन चर्चा यही हो रही कि आखिर नगर निगम के पार्षद चुनाव में मुख्यमंत्री स्तर के नेता को रोड शो करने की जरूरत क्यों पड़ी। 

कोटा की सड़कों पर मुख्यमंत्री का यह रोड शो चुनावी समीकरणों को कितना बदलेगा, इसका फैसला मतदाता करेंगे, लेकिन इतना जरूर है कि भाजपा ने नगर निगम चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए पूरी ताकत झोंक दी है।