कोटा में सजेगा महाराष्ट्र की लोककला का रंग, ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ में दिखेगी परंपरा की झलक, 22 सितंबर को नमन-जाखड़ी से जागरण-गोंधल तक होंगी प्रस्तुतियां

कोटा में सजेगा महाराष्ट्र की लोककला का रंग, ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ में दिखेगी परंपरा की झलक, 22 सितंबर को नमन-जाखड़ी से जागरण-गोंधल तक होंगी प्रस्तुतियां

यतीश व्यास 

कोटा। गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के अवसर पर महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं से कोटा के लोगों को रूबरू कराने के लिए ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई की ओर से महाराष्ट्रीय समाज कोटा के सहयोग से यह कार्यक्रम 22 सितंबर को डडवाड़ा स्थित पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर सभागृह में होगा। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे शुरू होगा और प्रवेश निशुल्क रहेगा।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र की विभिन्न लोककलाओं की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कलाकार नमन, गण, जाखड़ी नृत्य, धनगरी नृत्य, कोली नृत्य और जागरण-गोंधल के माध्यम से महाराष्ट्र के लोकजीवन, परंपराओं और श्रीगणेश के प्रति आस्था को प्रस्तुत करेंगे। इन लोक प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य महाराष्ट्र की लोककला और लोकपरंपराओं को राज्य की सीमाओं से बाहर व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मराठी समाज और स्थानीय लोगों को महाराष्ट्र के सांस्कृतिक वैभव से परिचित कराना भी कार्यक्रम का उद्देश्य है। कार्यक्रम समन्वयक उदय साटम तथा महाराष्ट्रीय समाज, कोटा के सहयोग से आयोजन को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

यह आयोजन सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए महाराष्ट्रीय समाज की न्यासी राजश्री गोहदकर, प्रवक्ता विशाल उपाध्याय, सचिव भावना काळे, अध्यक्ष अनिल खांडेकर तथा बृहन्महाराष्ट्र मंडल नई दिल्ली के राजस्थान विभागीय कार्यवाह अमोल चावरेकर उपस्थित रहे।