कोटा: बच्चों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा! 49 साल पुराने स्कूल भवन की फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और तेज लाउडस्पीकर का मामला मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और NGT तक पहुंचा

कोटा: बच्चों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा! 49 साल पुराने स्कूल भवन की फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और तेज लाउडस्पीकर का मामला मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और NGT तक पहुंचा

यतीश व्यास 

कोटा। स्टेशन क्षेत्र के गणेशपुरा रोड स्थित शास्त्री कॉलोनी में संचालित आदर्श विद्या निकेतन स्कूल की सुरक्षा व्यवस्थाओं और भवन निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। करीब 8 फुट चौड़ी संकरी गली में चार मंजिला भवन में कक्षा 1 से 12 तक का विद्यालय संचालित होने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर मुख्यमंत्री, संबंधित विभागों, जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, नगर निगम और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई है।

8 फुट की गली और चार मंजिला भवन-

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय करीब 49 वर्ष पुराना बताया जाता है। आरोप है कि संकरी गली में बिना पर्याप्त सेटबैक के चार मंजिला भवन बनाकर स्कूल संचालित किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार भवन का मुख्य प्रवेश द्वार भी करीब 6 फुट का है। ऐसे में आग या किसी अन्य आपात स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम के मौके तक पहुंचने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र की जांच की मांग-

शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि इतने पुराने भवन के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग अथवा सक्षम तकनीकी एजेंसी से भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र लिया गया है या नहीं। इसी तरह विद्यालय के पास वैध फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र और आवश्यक अग्निशमन उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की गई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि भवन वास्तव में बिना निर्धारित सुरक्षा मानकों और सेटबैक के संचालित हो रहा है तो विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभागों को मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही यह भी जांच का विषय बताया गया है कि 8 फुट की गली में स्थित इस भवन को कक्षा 1 से 12 तक विद्यालय संचालन की अनुमति किन सुरक्षा मानकों के आधार पर मिली।

सुबह की प्रार्थना में तेज माइक, ध्वनि प्रदूषण से परेशानी-

विद्यालय में सुबह की प्रार्थना और विशेष अवसरों पर लाउडस्पीकर के अत्यधिक तेज आवाज में इस्तेमाल को लेकर भी क्षेत्रवासियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि तेज आवाज आसपास के घरों तक पहुंचती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस संबंध में शिकायत में विद्यालय परिसर के साथ आसपास के आवासीय क्षेत्र में वैज्ञानिक उपकरणों से ध्वनि स्तर की जांच कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप लाउडस्पीकर का उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

समय रहते जांच नहीं हुई तो हादसे का खतरा!

सूत्रों के मुताबिक, यदि विद्यालय भवन, फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की समय रहते जांच नहीं की गई तो किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़ी चुनौती सामने आ सकती है। खासकर स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चों के मौजूद रहने के कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।

अब देखना यह है कि शिकायतों के बाद संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, फायर सेफ्टी, सेटबैक, आपातकालीन निकास और विद्यालय संचालन की अनुमति की जांच करते हैं या नहीं।