रिफंड नियमों में बदलाव पर रेलवे का स्पष्टीकरण, यात्रियों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

रिफंड नियमों में बदलाव पर रेलवे का स्पष्टीकरण, यात्रियों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

यतीश व्यास 


कोटा । रेलवे ने टिकट रिफंड नियमों में किए गए हालिया बदलावों को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि इन सुधारों से यात्रियों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। रेलवे के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य केवल पारदर्शिता बढ़ाना, सुविधा देना और यात्रियों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है।

रेलवे ने बताया कि चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव किया गया है। पहले यह ट्रेन के प्रस्थान से करीब चार घंटे पहले बनता था, जबकि अब इसे परिस्थितियों के अनुसार 9 से 18 घंटे पहले तैयार किया जा रहा है। इससे खासतौर पर दूर-दराज के यात्रियों को समय रहते टिकट की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे।

रिफंड नियमों में किए गए संशोधनों को लेकर रेलवे ने स्पष्ट किया कि यात्रियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह कदम केवल प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और उपयोगी बनाने के लिए उठाया गया है।

रेलवे के अनुसार नई व्यवस्था से अवैध टिकट एजेंटों और अनियमित बुकिंग पर भी रोक लगेगी, क्योंकि यात्रियों को समय रहते टिकट की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल जाएगी और वे बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहेंगे।

इसके अलावा यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं भी दी गई हैं। अब वे ट्रेन के प्रस्थान से अंतिम आधे घंटे तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे और सीट उपलब्ध होने पर यात्रा श्रेणी को भी अपग्रेड कर सकेंगे।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।