कोटा- मिट्टी में दबी दो जिंदगियां, अब जवाब मांग रहे रेलकर्मी, हादसे के विरोध में रेलवे मजदूर संघ ने DRM कार्यालय पर किया प्रदर्शन, सुरक्षा की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

कोटा- मिट्टी में दबी दो जिंदगियां, अब जवाब मांग रहे रेलकर्मी, हादसे के विरोध में रेलवे मजदूर संघ ने DRM कार्यालय पर किया प्रदर्शन, सुरक्षा की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

यतीश व्यास 

कोटा, 29 मई। कोटा-नागदा रेलखंड के कवलपुरा-दरा स्टेशन के बीच अंडर ब्रिज निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में दो सुपरवाइजरों की मौत के बाद रेल कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में शुक्रवार को वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारियों पर बनाए जा रहे कार्य दबाव के खिलाफ आवाज बुलंद की।

संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि गुरुवार रात करीब 8 बजे कवलपुरा-दरा रेलखंड में निजी एजेंसी के माध्यम से अंडर ब्रिज निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान अचानक ऊपर की मिट्टी धंस गई, जिससे कार्य की निगरानी कर रहे एसएसई पीवे संजय झा और जेई वर्क्स प्रभात सिंह मलबे में दब गए। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे पत्र में कहा कि यह घटना बेहद हृदय विदारक है और रेलवे में लगातार हो रही ऐसी दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की घटनाओं से प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया और आज भी कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर कार्य कराया जा रहा है।

संघ ने कहा कि रेलवे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी हो रही है। सुपरवाइजरों और कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्य दबाव बनाया जाता है, कार्य की कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती तथा कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना तक झेलनी पड़ती है। संघ के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से कार्य नहीं कराए जाने और सुरक्षा इंतजाम कमजोर होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।

मजदूर संघ ने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में जबलपुर मंडल के कटनी-सिंगरौली खंड में मिट्टी धंसने से जेई ब्रिज संदीप कुमार की मौत हुई थी। वर्ष 2021 में कोटा-डकनिया खंड में ट्रैकमैन वसीम की जान गई थी, जबकि वर्ष 2022 में सुमरेरी स्टेशन के पास रात्रिकालीन कार्य के दौरान दो सुपरवाइजर आर.एस. मीणा और सुखराम की मौत हो गई थी।

संघ का कहना है कि दरा की घटना यह साबित करती है कि समान प्रकृति के कार्यों में लगातार हो रही मौतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। संघ ने हाई पावर कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

डीआरएम कार्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन में रेल कर्मचारियों ने मृतक सुपरवाइजरों को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि रेल कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बंद नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सिंह खींची, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष रामचरण मीणा, रविन्द्र शर्मा, अनिल सैनी, सुशील वर्मा, विपिन बिहारी शर्मा, भरतलाल मीणा, भूपेन्द्र धाकड़, राजेन्द्र सिंह, मुकेश चौहान, चेतराम घोड़ेला सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।