कोटा- ट्रांसजेंडर आइकॉन नैना देवी ने उठाई किन्नर समाज की आवाज, योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की मांग, दस्तावेजी जटिलताओं से योजनाओं से वंचित हो रहा ट्रांसजेंडर समुदाय, आईजी रेंज बैठक में सौंपा ज्ञापन

कोटा- ट्रांसजेंडर आइकॉन नैना देवी ने उठाई किन्नर समाज की आवाज, योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की मांग, दस्तावेजी जटिलताओं से योजनाओं से वंचित हो रहा ट्रांसजेंडर समुदाय, आईजी रेंज बैठक में सौंपा ज्ञापन

यतीश व्यास 

कोटा 22 मई। ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकारों के प्रति पुलिस प्रशासन को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से एसपी ऑफिस में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। यह पहल कोटा रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय की ओर से की गई, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विभिन्न थानों के अधिकारी एवं मंगलमुखी समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों ने ट्रांसजेंडर एक्ट-2019 के विभिन्न प्रावधानों, कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन (स्वीप कोटा) एवं गुमानपुरा क्षेत्र प्रमुख मंगलमुखी नैना देवी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने किन्नर समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

नैना देवी ने आईजी कार्यालय के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए बनाई गई सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर धरातल तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में किन्नर कल्याण के लिए आवंटित करोड़ों रुपए का बजट पूरी तरह खर्च नहीं हो सका, जिससे हर साल बड़ी राशि वापस लौट जाती है।

उन्होंने कहा कि यदि इस बजट का सही और पारदर्शी उपयोग किया जाए तो ट्रांसजेंडर समुदाय के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव संभव है। नैना देवी ने कहा कि किन्नर समाज भी सम्मानजनक जीवन जीना चाहता है, लेकिन जागरूकता के अभाव और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण आज भी अधिकांश लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

ज्ञापन में विशेष रूप से सिविल सर्जन से ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने की जटिल प्रक्रिया को बड़ी समस्या बताया गया। नैना देवी ने मांग की कि दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि जरूरतमंद ट्रांसजेंडर आसानी से योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे ट्रांसजेंडर समुदाय भी आम नागरिकों की तरह विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सके।