नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होना 22 लाख छात्रों के सपनों पर चोट- तुषार दुबे

नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होना 22 लाख छात्रों के सपनों पर चोट- तुषार दुबे

कोटा, 13 मई। नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी निराशा का माहौल है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वंदना कॅरियर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर तुषार दुबे ने कहा कि पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि 22 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर सीधा प्रहार है। वर्षों की मेहनत बार-बार भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्त कानूनों की बात की थी, लेकिन यदि हर साल परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।

तुषार दुबे ने कहा कि सीबीआई जांच का निर्णय सही दिशा में उठाया गया कदम है, लेकिन बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि यह कहना आसान है कि छात्रों को दोबारा मौका मिल जाएगा, लेकिन उन विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति को समझना जरूरी है जिन्होंने वर्षों तक कठिन परिश्रम किया, सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई और परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद कोचिंग व पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। नीट में शामिल होने वाला विद्यार्थी केवल छात्र नहीं, बल्कि देश के भविष्य का संभावित डॉक्टर होता है। यदि डॉक्टर बनने की पहली सीढ़ी ही पेपर लीक और अविश्वास से प्रभावित होगी तो यह केवल विद्यार्थियों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य भविष्य के साथ भी धोखा है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी परीक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।