कोटा- महिला आरक्षण पर BJP फैला रही भ्रम, जनता को कर रही गुमराह: अर्चना शर्मा

कोटा- महिला आरक्षण पर BJP फैला रही भ्रम, जनता को कर रही गुमराह: अर्चना शर्मा

यतीश व्यास 


कोटा 24 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी पर महिला आरक्षण को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने इसे महिलाओं की आड़ में की जा रही राजनीति बताया। शुक्रवार को गुमानपुरा स्थित कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पीसीसी समन्वयक डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर भ्रामक प्रचार कर जनता को गुमराह कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में अग्रणी रही है। 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से नगरीय निकायों और पंचायतों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कर महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का काम कांग्रेस ने किया।

अर्चना शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल चुनाव से पहले जल्दबाजी में नारी शक्ति वंदन बिल लाया, जिसमें कई खामियां थीं। उन्होंने कहा कि इस बिल को जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया, जिससे महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलने में देरी होती। इसी कारण विपक्ष ने इसका विरोध किया और इसे तुरंत लागू करने की मांग की।

शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत ठीक नहीं थी और बिल को लंबित रखने के लिए इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और 1992 में इसकी शुरुआत भी कांग्रेस ने ही की थी।

देहात अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि यदि सरकार लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करती है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी, लेकिन यदि इसे शर्तों में उलझाकर टालने का प्रयास किया गया तो विरोध किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में महासचिव डॉ. विजय सोनी ने बताया कि इस दौरान पूर्व महापौर मंजू मेहरा, कैथून नगरपालिका चेयरमैन आयना महक, ब्लॉक अध्यक्ष गीता मेघवाल सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे