कोटा: सीने में 15 साल से बढ़ रहा 3 किलो का ट्यूमर निकाला, लकवाग्रस्त मरीज की बची जान

कोटा: सीने में 15 साल से बढ़ रहा 3 किलो का ट्यूमर निकाला, लकवाग्रस्त मरीज की बची जान

यतीश व्यास 

कोटा, 8 अप्रैल। मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए मरीज के सीने से करीब 3 किलो वजनी ट्यूमर निकाल दिया। यह ट्यूमर पिछले 15 वर्षों से धीरे-धीरे बढ़ रहा था।

मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में था और पिछले 8 वर्षों से शरीर के एक हिस्से में लकवे से पीड़ित था। हाल ही में ट्यूमर से लगातार रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत और बिगड़ गई थी तथा शरीर में खून की भारी कमी हो गई थी। परिजनों द्वारा मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग में संपर्क करने पर डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया।

ऑपरेशन से पहले मरीज को स्थिर करना सबसे बड़ी चुनौती रही। डॉ. हर्ष जांगिड के अनुसार, सर्जरी से पहले मरीज को 3 यूनिट PRBC रक्त चढ़ाया गया, जिससे हीमोग्लोबिन स्तर सुधर सके और ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया जा सके।

सर्जरी के दौरान ट्यूमर का अत्यधिक बड़ा आकार भी चुनौती बना रहा। ट्यूमर निकालने के बाद घाव को सामान्य तरीके से बंद करना संभव नहीं था। इस स्थिति को देखते हुए प्लास्टिक सर्जन डॉ. मनोजीत मिध्धा को टीम में शामिल किया गया, जिन्होंने रिकंस्ट्रक्टिव क्लोजर के जरिए घाव को बंद किया।

इस ऑपरेशन में सहायक सर्जन के रूप में डॉ. रुचिता और डॉ. सुरभि ने अहम भूमिका निभाई, जबकि एनेस्थीसिया टीम में डॉ. मनोज सिंघल और डॉ. खुशबू ने मरीज को पूरी सर्जरी के दौरान स्थिर बनाए रखा।

डॉ. हर्ष ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।