कोटा: 21 करोड़ की डिफॉल्ट राशि से 4.34 करोड़ के मुनाफे तक पहुंची शिक्षा सहकारी सभा, गबन के मामलों में एफआईआर, सदस्यों को मिलेगा 4 प्रतिशत लाभांश, ऋण सीमा 4 लाख करने का प्रस्ताव

कोटा: 21 करोड़ की डिफॉल्ट राशि से 4.34 करोड़ के मुनाफे तक पहुंची शिक्षा सहकारी सभा, गबन के मामलों में एफआईआर, सदस्यों को मिलेगा 4 प्रतिशत लाभांश, ऋण सीमा 4 लाख करने का प्रस्ताव

यतीश व्यास 

कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा लि.-696 आर कोटा-बारां ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4.34 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। संस्था की ओर से वित्तीय अनियमितताओं और बकाया ऋण की वसूली के लिए की गई कानूनी कार्रवाई के बाद डिफॉल्टर सदस्यों की संख्या 1374 से घटकर 97 रह गई है। संस्था की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, उपाध्यक्ष महेंद्र नागर और मंत्री जमनालाल गुर्जर ने दी।

 प्रकाश जायसवाल ने बताया कि संस्था का वार्षिक अधिवेशन रविवार को एक होटल में बारां में होगा। अधिवेशन में राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि होंगे। पूर्व मंत्री प्रमोद जैन ‘भाया’, किशनगंज विधायक ललित मीणा, बारां विधायक राधेश्याम बैरवा, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता और राधाकृष्ण शिक्षा सहकारी बारां के अध्यक्ष बृजगोविन्द टेलर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

उपाध्यक्ष महेंद्र नागर ने बताया कि फरवरी 2023 में नई कार्यकारिणी के कार्यभार संभालने के समय संस्था के सामने करीब 21 करोड़ रुपए की डिफॉल्ट राशि और 1374 डिफॉल्टर सदस्य थे। कार्यकारिणी ने वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी। न्यायालय और उपरजिस्ट्रार के माध्यम से चल रही कार्रवाई के बाद अब केवल 97 डिफॉल्टर सदस्य शेष हैं।

उन्होंने बताया कि संस्था के कोष के दुरुपयोग के मामलों में पूर्व अध्यक्ष और उनके सहयोगियों के खिलाफ 4.56 लाख और 2.70 लाख रुपए के गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं तीन संतान का तथ्य छिपाकर पद पर बने रहने वाले एक संचालक को भी बर्खास्त कराया गया है।

संस्था के 4.34 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ में आवश्यक प्रावधान करने के बाद शेष 2.56 करोड़ रुपए में से अंशधारकों को लगातार तीसरे वर्ष 4 प्रतिशत की दर से लाभांश देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सामान्य और इमरजेंसी ऋण की सीमा 3-3 लाख रुपए से बढ़ाकर 4-4 लाख रुपए करने का प्रस्ताव भी वार्षिक आमसभा में रखा जाएगा।

कार्यकारिणी के कार्यकाल में संस्था के फंड को मजबूत करने के लिए 5 करोड़ रुपए की अतिरिक्त एफडी भी कराई गई है। सदस्यों की सुविधा के लिए गुरुवार का अवकाश समाप्त कर रविवार को सुबह 11 से शाम 4 बजे तक कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। राशि जमा करने के लिए ऑनलाइन लिंक और क्यूआर कोड की सुविधा भी शुरू की गई थी। 

मंत्री जमनालाल गुर्जर ने बताया कि संस्था की स्थापना वर्ष 1943 में स्वर्गीय घांसीलाल ने की थी। करीब 83 वर्ष पुरानी इस संस्था में वर्तमान में लगभग 6500 सदस्य हैं। संस्था की ओर से सदस्यों को 50 पैसे प्रति सैकड़ा यानी 0.5 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। वित्तीय गतिविधियों के साथ संस्था पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, बेटी बचाओ और जल संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी भागीदारी निभा रही है।

प्रेस वार्ता में संचालक गायत्री मीणा, अनुराधा शर्मा, कमल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार मीणा, रवि प्रकाश गौतम, धर्मेंद्र कुमार मेघवाल, पूनम गौतम, शिवराज गोचर, दिनेश कुमार नागर और महावीर प्रसाद मीणा मौजूद रहे।