कोटा: त्रिकोणीय मुकाबले में उलझी वार्ड 15 की सीट, 3 ब्राह्मण उम्मीदवार मैदान में, वोटों के बंटवारे से बदले समीकरण

कोटा: त्रिकोणीय मुकाबले में उलझी वार्ड 15 की सीट, 3 ब्राह्मण उम्मीदवार मैदान में, वोटों के बंटवारे से बदले समीकरण

यतीश व्यास 

कोटा। नगर निगम चुनाव में वार्ड 15 की सीट इस बार रोचक त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गई है। कांग्रेस से पूर्व पार्षद नंदकिशोर शर्मा, भाजपा से युवा उम्मीदवार शुभम शर्मा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पूर्व पार्षद सुनील शर्मा चुनाव मैदान में हैं। खास बात यह है कि तीनों ही उम्मीदवार ब्राह्मण समाज से आते हैं, ऐसे में एक ही समाज के मतों का बंटवारा भी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

कांग्रेस प्रत्याशी नंदकिशोर शर्मा पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर पार्षद रह चुके हैं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी सुनील शर्मा भी पहले निर्दलीय चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित कर चुके हैं। दूसरी ओर भाजपा ने इस बार युवा चेहरे शुभम शर्मा पर दांव खेला है, जो पहली बार भाजपा के चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरे हैं।

वार्ड में चल रहे चुनावी समीकरणों की बात करें तो भाजपा प्रत्याशी शुभम शर्मा का पलड़ा फिलहाल मजबूत बताया जा रहा है। युवा होने के साथ ही उन्हें पार्टी संगठन का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। वहीं निर्दलीय सुनील शर्मा की आमजन के बीच व्यक्तिगत पकड़ और पुराने राजनीतिक अनुभव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी नंदकिशोर शर्मा के सामने बदले हुए परिसीमन के कारण नई चुनौती खड़ी हो गई है। नए परिसीमन से बदले मतदाता समीकरण कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। हालांकि नंदकिशोर शर्मा को जीत दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पूरी ताकत झोंक रखी है और वरिष्ठ नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक को वार्ड में सक्रिय किया गया है।

लोगों का मानना है कि वार्ड 15 में मुकाबला जितना सीधा दिखाई दे रहा है, परिणाम उतना ही अप्रत्याशित हो सकता है। शुभम शर्मा की युवा छवि, सुनील शर्मा की व्यक्तिगत पकड़ और नंदकिशोर शर्मा के सामने बदले परिसीमन की चुनौती ने इस सीट को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अब मतदान के दिन मतदाता किसके पक्ष में वोट करेंगे यह देखना होगा।