कोटा: देर से शादी और बढ़ता तनाव ‘दिव्या जननी’ शिविर में निःसंतान दंपतियों को योग-ध्यान से तनाव दूर करने का दिया संदेश

कोटा: देर से शादी और बढ़ता तनाव ‘दिव्या जननी’ शिविर में  निःसंतान दंपतियों को योग-ध्यान से तनाव दूर करने का दिया संदेश

यतीश व्यास 

कोटा, 30 अगस्त। निःसंतानता से जूझ रहे दंपतियों के लिए मानसिक शांति, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी उद्देश्य से बजरंग नगर स्थित आदित्य आवास में राजदीप फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर एवं आईवीएफ सेंटर और हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से ‘दिव्या जननी योग एवं हार्टफुलनेस ध्यान शिविर’ आयोजित किया गया। इसमें दंपतियों को योग, ध्यान, हीलिंग और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से तनाव कम करने के उपाय बताए गए।

डॉ. देश दीपक एवं डॉ. राजश्री दीपक गोहदकर ने बताया कि शिविर में दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद से आए प्रशिक्षकों ने निःसंतान दंपतियों को योग, ध्यान और हीलिंग की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

हार्टफुलनेस संस्था की कान्हा शांति वनम की मुख्य समन्वयक डॉ. स्नेहल देशपांडे ने कहा कि निःसंतानता के उपचार के दौरान शारीरिक और मानसिक तनाव दंपतियों को प्रभावित कर सकता है। योग और ध्यान तनाव कम करने के साथ सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।

100 से अधिक दंपतियों ने लिया लाभ-

डॉ. राजश्री दीपक गोहदकर ने बताया कि कोटा में यह कार्यक्रम पिछले दो वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक निःसंतान दंपतियों ने इसका लाभ लिया है। आयोजकों के अनुसार इनमें 10 से अधिक दंपतियों को स्वस्थ संतान प्राप्त हुई है। इनमें कुछ दंपति आईवीएफ उपचार भी करा चुके थे।

कान्हा शांति वनम की दिव्या जननी टीम के तकनीकी विशेषज्ञ रवि बल्ला ने फर्टिलिटी योग एवं पोलैरिटी हीलिंग की जानकारी दी। सरोजिनी, गायत्री एवं कृति ने भी विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। दिल्ली की डॉ. उर्वशी गोजा ने दांपत्य जीवन में भावनात्मक जुड़ाव और आपसी संबंधों की मधुरता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में होने वाले विवाह भी प्रजनन संबंधी चुनौतियों का एक कारण हो सकते हैं। जोधपुर की उषा कलवानी ने हार्टफुलनेस ध्यान और आंतरिक सफाई की प्रक्रिया का अभ्यास कराया।

तनाव का हार्मोनल संतुलन पर असर-

डॉ. देश दीपक एवं डॉ. राजश्री दीपक गोहदकर ने प्रजनन स्वास्थ्य और मानसिक तनाव के बीच संबंध की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तनाव हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए निःसंतानता के उपचार के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है।

समापन पर सभी दंपतियों को हार्टफुलनेस ध्यान कराया गया और सकारात्मक सोच, धैर्य तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। राजदीप फर्टिलिटी एवं राजदीप आईवीएफ केंद्र पर ‘दिव्या जननी’ कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 12 ऑनलाइन सत्रों के साथ दो दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाती है।