छात्र आंदोलन की जीत, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की विजय- प्रहलाद गुंजल

छात्र आंदोलन की जीत, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की विजय- प्रहलाद गुंजल

यतीश व्यास 

कोटा। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की युवाशक्ति को “कॉकरोच” समझना सरकार की बड़ी भूल साबित हुई और अंततः सरकार को छात्रों के सामने झुकना पड़ा।

गुंजल ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रदर्शन को सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन जैसी विदेशी ताकतों से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास किया, लेकिन देशवासियों ने इसे स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों की गूंज अभियान के माध्यम से छात्रों की आवाज बन रहे हैं। उनके अनुसार, एक ओर सीजेपी के कार्यकर्ता जंतर-मंतर सहित कई शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।

गुंजल ने कहा कि केंद्र और राज्यों की डबल इंजन सरकारों को समझ लेना चाहिए कि देश की जनता और युवाशक्ति अब तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल छात्रों की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संघर्ष की भी जीत है।