चार साल बाद लौटी खुशियां: कोटा में मिला बिछड़ा श्याम, भाई से मिलते ही छलके आंसू, अपना घर आश्रम की पहल से झारखंड का युवक परिवार तक पहुंचा

चार साल बाद लौटी खुशियां: कोटा में मिला बिछड़ा श्याम, भाई से मिलते ही छलके आंसू, अपना घर आश्रम की पहल से झारखंड का युवक परिवार तक पहुंचा

यतीश व्यास 

कोटा। दो वर्ष पहले विज्ञान नगर क्षेत्र की सड़कों पर मानसिक रूप से विमंदित और लावारिस अवस्था में भटक रहे एक युवक को अपना घर आश्रम के सेवासाथियों ने रेस्क्यू किया था। अपना नाम केवल श्याम बताने वाला यह युवक न तो अपने घर का पता बता पा रहा था और न ही परिवार की कोई जानकारी दे सका था। लगातार इलाज, देखभाल और काउंसलिंग के बाद आखिरकार श्याम अपने चार साल से बिछड़े परिवार से मिलकर घर लौट गया।

आश्रम में पिछले दो वर्षों से चिकित्सकों की निगरानी में श्याम का उपचार किया जा रहा था। नियमित काउंसलिंग, थेरेपी के कारण उसकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ और धीरे-धीरे उसकी याददाश्त लौटने लगी। इसी दौरान उसने बताया कि वह झारखंड के बसिया थाना क्षेत्र के तंगार जर्या गांव का निवासी है।

जानकारी मिलने के बाद अपना घर आश्रम की टीम ने झारखंड के बसिया थाने से संपर्क कर परिजनों तक सूचना पहुंचाई। सूचना मिलते ही श्याम का भाई मारियानुस बा और परिजन जेनिफर बा कोटा पहुंचे। वर्षों बाद भाई को सामने देखकर श्याम भावुक हो उठा। दोनों भाई एक-दूसरे से गले लगकर फूट-फूट कर रो पड़े।

मारियानुस बा ने बताया कि श्याम चार वर्ष पहले घर से अचानक लापता हो गया था। परिवार ने उसकी हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय के साथ परिवार की उम्मीद भी टूट चुकी थी। ऐसे में अपना घर आश्रम से मिली सूचना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी।

परिजनों ने अपना घर आश्रम की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल श्याम को नई जिंदगी दी, बल्कि एक बिछड़े परिवार को फिर से जोड़ने का मानवीय कार्य भी किया है।