कोटा- वंदे गंगा अभियान के तहत जल संरक्षण की पहल, आंवली वन क्षेत्र में बनेगी तलाई व दो एनीकट, वन्य जीवों को मिलेगा स्थायी जल स्रोत

कोटा- वंदे गंगा अभियान के तहत जल संरक्षण की पहल, आंवली वन क्षेत्र में बनेगी तलाई व दो एनीकट, वन्य जीवों को मिलेगा स्थायी जल स्रोत

यतीश व्यास 

कोटा, 4 जून। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन पखवाड़े के अंतर्गत गुरुवार को आंवली गांव स्थित वन क्षेत्र में जल संरक्षण एवं वन्य जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। यहां वन्य जीवों और वनस्पतियों के लिए स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक तलाई एवं दो कच्चे एनीकटों के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष एवं स्काउट-गाइड जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई। इसके बाद तलाई एवं एनीकट निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया।

प्रकाश जायसवाल ने कहा कि जल संरक्षण केवल मानव जीवन की आवश्यकता नहीं, बल्कि वन्य जीवों और पर्यावरण के अस्तित्व से भी जुड़ा हुआ विषय है। गर्मी के मौसम में वन क्षेत्रों में जल स्रोत सूख जाने से वन्य जीवों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आंवली वन क्षेत्र में एक तलाई और दो एनीकटों का निर्माण कर वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे लंबे समय तक पानी संरक्षित रह सकेगा।

उन्होंने बताया कि इन जल संरचनाओं के निर्माण से वन्य जीवों को पेयजल उपलब्ध होगा तथा क्षेत्र की वनस्पतियों को भी पर्याप्त नमी मिल सकेगी। यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्द्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम संयोजक योगिता महावर ने बताया कि भूमि पूजन कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा एवं नयागांव के स्काउट-गाइड, मां कल्याणी ओपन रेंजर टीम, सरोजिनी नायडू ओपन गाइड कंपनी तथा लाल बहादुर शास्त्री ओपन स्काउट ट्रूप के सदस्यों ने भाग लिया और जल संरक्षण का संकल्प लिया।

उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा, नयागांव, रोझड़ी, अनंतपुरा एवं आंवली वन क्षेत्र सहित पांच स्थानों पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पोस्टर, निबंध, मेहंदी एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, विचार गोष्ठी, जनजागरण रैली तथा पौधारोपण कार्यक्रम शामिल होंगे।

योगिता महावर ने बताया कि इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। जनजागरण रैलियों के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण का संदेश भी दिया जाएगा।