कोटा- फायर एनओसी के बिना चल रहा था सरोवर भवन, निगम ने किया सीज, माल और वाहन बाहर निकलवाकर मुख्य द्वार पर लगाया ताला

कोटा- फायर एनओसी के बिना चल रहा था सरोवर भवन, निगम ने किया सीज, माल और वाहन बाहर निकलवाकर मुख्य द्वार पर लगाया ताला

यतीश व्यास 

कोटा। शहर के रामपुरा बाजार क्षेत्र स्थित सरोवर टॉकीज को बुधवार को नगर निगम की फायर शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीज कर दिया। भवन में अग्निसुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं होने और बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों की पालना नहीं करने पर निगम प्रशासन ने यह कदम उठाया।

नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि सरोवर भवन में संचालित गतिविधियों के दौरान फायर सेफ्टी मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई थी। भवन में आवश्यक अग्निशमन उपकरण एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि की आशंका बनी हुई थी। इस संबंध में भवन स्वामी एवं प्रबंधन को पूर्व में दो बार नोटिस जारी कर निर्धारित समयावधि में अग्निसुरक्षा उपकरण लगाने और फायर एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद निगम प्रशासन ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम में अग्निशमन अधिकारी मोहम्मद अजहर खान एवं सहायक अग्निशमन अधिकारी सीता चौपदार सहित अन्य कार्मिक शामिल थे।

बुधवार को जब फायर टीम मौके पर पहुंची तो परिसर में बड़ी संख्या में व्यापारियों का माल रखा हुआ मिला तथा कई वाहन भी खड़े थे। कार्रवाई की सूचना मिलते ही परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि फायर अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई व्यवस्थित तरीके से करते हुए सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में मौजूद माल और वाहनों को बाहर निकलवाया।

इसके बाद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को सील करते हुए सरोवर भवन को सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भवन प्रबंधन सभी आवश्यक अग्निसुरक्षा मानकों की पालना करते हुए फायर विभाग से आवश्यक अनुमति और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त नहीं कर लेता, तब तक परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित नहीं की जा सकेगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने कहा कि नगर निगम शहर में फायर सेफ्टी नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। जिन भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।