कोटा- एक ही दिन में दो जटिल ब्रेन एन्यूरिज़्म ऑपरेशन सफल: एमबीएस अस्पताल के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, लाखों का इलाज मुफ्त

कोटा- एक ही दिन में दो जटिल ब्रेन एन्यूरिज़्म ऑपरेशन सफल: एमबीएस अस्पताल के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, लाखों का इलाज मुफ्त

यतीश व्यास 

कोटा 2 मई। मेडिकल कॉलेज के एमबीएस अस्पताल ने एक बार फिर बड़ी चिकित्सा उपलब्धि दर्ज की है। न्यूरोसर्जरी विभाग ने एक ही दिन में दो बेहद जटिल और जानलेवा ब्रेन एन्यूरिज़्म के मामलों का सफल उपचार कर मरीजों को नया जीवन दिया।

मांगरोल (बारां) निवासी 43 वर्षीय राम सिया को अचानक बेहोशी और असामान्य व्यवहार की शिकायत के बाद पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया। जांच में मरीज को सब-अरैक्नॉइड हैमरेज और लेफ्ट एमसीए एन्यूरिज़्म पाया गया, जो जानलेवा स्थिति मानी जाती है।

वहीं, मध्यप्रदेश के सोयत (शाजापुर) निवासी 63 वर्षीय सोरम बाई को बेहोशी और दौरे के बाद पहले पिड़ावा और फिर झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें भी एमबीएस कोटा रेफर किया गया, जहां जांच में ए-कॉम एन्यूरिज़्म की पुष्टि हुई।

दोनों मरीजों को न्यूरो आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया। जोखिम को देखते हुए परिजनों की सहमति के बाद एंडोवैस्कुलर कोइलिंग तकनीक से इलाज करने का निर्णय लिया गया।


न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एस.एन. गौतम के नेतृत्व में डॉ. दिलीप माहेश्वरी, डॉ. भारत भूषण, डॉ. बनेश जैन और डॉ. अलंकार की टीम ने 22 अप्रैल को दोनों जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. शिल्पी जैन ने किया।

मुफ्त में मिला लाखों का इलाज-


दोनों मरीजों की हालत अब स्थिर है और वे निगरानी में हैं। खास बात यह रही कि पूरा उपचार निःशुल्क किया गया, जबकि निजी अस्पतालों में ऐसे एक ऑपरेशन पर 4 से 5 लाख रुपए तक खर्च आता है।

अब बड़े शहरों जाने की जरूरत नहीं-


एमबीएस अस्पताल का न्यूरो इंटरवेंशन विभाग अब इस तरह की जटिल ब्रेन कोइलिंग प्रक्रियाएं नियमित रूप से कर रहा है। पहले मरीजों को दिल्ली या अहमदाबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब कोटा में ही यह उन्नत सुविधा उपलब्ध होने से पूरे हाड़ौती सहित अन्य राज्यों के मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।