कोटा: 43.50 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए पाकिस्तान में बैठे सरगना से निर्देश लेता था आरोपी, 4 आरोपी भोपाल से गिरफ्तार

कोटा: 43.50 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए पाकिस्तान में बैठे सरगना से निर्देश लेता था आरोपी, 4 आरोपी भोपाल से गिरफ्तार

यतीश व्यास 


कोटा,18 अप्रेल। शहर की साइबर थाना पुलिस ने 43 लाख 50 हजार रुपए की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद अमजद उर्फ आर्यन पाकिस्तानी सरगना के संपर्क में रहकर ठगी की रकम देश-विदेश में ट्रांसफर करता था।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अमजद (पश्चिमी चम्पारण, बिहार), राहुल पूर्वी, दीपक पूर्वी और विजय कुमार (तीनों भोपाल, मध्यप्रदेश निवासी) शामिल हैं। आरोपियों को भोपाल से डिटेन कर गिरफ्तार किया गया।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अमजद व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए पाकिस्तान में बैठे सरगना से निर्देश लेता था। उसके कहने पर वह ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाकर एटीएम और चेक के जरिए नकद निकालता और फिर अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। कुछ राशि ऑनलाइन माध्यम से दुबई भी भेजी गई।

सह-आरोपी राहुल, दीपक और विजय ने अपने और परिचितों के 100 से अधिक बैंक खाते खुलवाकर अमजद को उपलब्ध कराए थे। हर खाते के बदले करीब 7 हजार रुपए लिए जाते थे। इनमें कई खाते महिलाओं के नाम से भी खोले गए थे। खातों के साथ सिम कार्ड और एटीएम भी आरोपी को दिए जाते थे, जिनका उपयोग यूपीआई और अन्य माध्यमों से ट्रांजैक्शन में किया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी का लैपटॉप, 29 एटीएम/डेबिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, 10 चेकबुक और 2 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। साथ ही अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में करोड़ों रुपए के लेन-देन के सबूत मिले हैं। 

यह मामला 8 दिसंबर 2025 को विज्ञान नगर निवासी 75 वर्षीय दिनेश चंद्र गुप्ता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। अज्ञात व्यक्ति ने परिचित बनकर उन्हें झांसे में लिया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 43.50 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सतीशचंद (पु.नि.) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने ठगी की राशि जिन खातों में ट्रांसफर हुई, उनकी डिटेल खंगालकर संदिग्धों की पहचान की और भोपाल में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश और ठगी की बाकी रकम बरामद करने के प्रयास कर रही है।