कोटा: वार्ड 39 में त्रिकोणीय मुकाबला, निर्दलीय प्रत्याशी बीना दीक्षित ने बिगाड़े कांग्रेस-भाजपा के समीकरण

कोटा: वार्ड 39 में त्रिकोणीय मुकाबला, निर्दलीय प्रत्याशी बीना दीक्षित ने बिगाड़े कांग्रेस-भाजपा के समीकरण

यतीश व्यास 

कोटा। नगर निगम के वार्ड 39 में कांग्रेस की चेतना माथुर, भाजपा की आशा चतुर्वेदी और निर्दलीय प्रत्याशी बीना दीक्षित के बीच कांटें का मुकाबला है। प्रचार थमने के बाद अब चुनावी तस्वीर मतदाताओं के रुख पर टिकी हुई है। वार्ड में कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के सामने निर्दलीय प्रत्याशी बीना दीक्षित की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। बीना दीक्षित का चुनाव चिह्न नाव है।

वार्ड में चुनावी चर्चा के दौरान कुछ मतदाताओं का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों को लेकर आमजन के बीच संपर्क को लेकर सवाल उठते रहे हैं। वहीं बीना दीक्षित लंबे समय से आमजन के बीच सक्रिय रहने और सामाजिक कार्यों से जुड़ी होने के कारण लोगों के बीच जाना-पहचाना चेहरा मानी जाती हैं।

समर्थकों का कहना है कि बीना दीक्षित ने चुनाव प्रचार के दौरान वार्ड के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और स्थानीय समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उनका जोर वार्ड की मूलभूत सुविधाओं, सफाई, सड़क, पानी और आमजन से जुड़े मुद्दों पर रहा।

अब मतदान से ठीक पहले वार्ड में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता परंपरागत राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों पर भरोसा जताते हैं या निर्दलीय प्रत्याशी को मौका देते हैं। तीनों प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने पक्ष में माहौल होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक तस्वीर मतदान के बाद ही सामने आएगी।

कल होने वाले मतदान में वार्ड 39 के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और इसी के साथ चेतना माथुर, आशा चतुर्वेदी और बीना दीक्षित के बीच चल रही चुनावी जंग का फैसला ईवीएम में दर्ज हो जाएगा।