कोटा: वार्ड 12 में सियासी ‘यू-टर्न’ या गलतफहमी? अशोक गौतम ने भाजपा ज्वाइन करने का किया खंडन

कोटा: वार्ड 12 में सियासी ‘यू-टर्न’ या गलतफहमी? अशोक गौतम ने भाजपा ज्वाइन करने का किया खंडन

यतीश व्यास 


कोटा। नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड 12 में शनिवार को दिलचस्प सियासी घटनाक्रम देखने को मिला। कांग्रेस के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता रहे अशोक गौतम के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं सामने आने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया पर इसका खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ता थे और आगे भी रहेंगे।

गौतम ने अपने फेसबुक संदेश में कहा कि वे कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता होने के साथ-साथ कैलाशेश्वर महादेव मंदिर समिति के पदाधिकारी भी हैं। चुनावी दौर में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशी मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों से समर्थन मांगने आते हैं। समिति में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े सदस्य होने के कारण सभी दलों के नेताओं और प्रत्याशियों का स्वागत किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इसी क्रम में उनका भी माला और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया था, लेकिन इस दौरान उनके भाजपा ज्वाइन करने संबंधी जो बात सामने आई, वह सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ता थे और कांग्रेस के कार्यकर्ता ही रहेंगे।

इधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर बना रहा। सूत्रों के अनुसार अशोक गौतम के भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आते ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी देखी गई। बताया जा रहा है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई।

हालांकि इस संबंध में भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं अशोक गौतम के स्पष्टीकरण के बाद वार्ड 12 की राजनीति में चंद घंटों के भीतर बदले घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और रोचक बना दिया है।