कोटा: वार्ड 40 में दो ब्राह्मण प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला, स्थानीय मुद्दे तय करेंगे चुनाव की दिशा, लव शर्मा की स्थानीय पकड़ के सामने विनोद गौतम की चुनौती

कोटा: वार्ड 40 में दो ब्राह्मण प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला, स्थानीय मुद्दे तय करेंगे चुनाव की दिशा, लव शर्मा की स्थानीय पकड़ के सामने विनोद गौतम की चुनौती

यतीश व्यास 

कोटा। नगर निगम चुनाव में वार्ड 40 का मुकाबला इस बार खासा दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा और कांग्रेस के दो ब्राह्मण प्रत्याशी आमने-सामने हैं। भाजपा की ओर से स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले लव शर्मा मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस ने विनोद गौतम को प्रत्याशी बनाया है, हालांकि दोनों ही पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को फोन करके नामांकन दाखिल करने को कहा है। दोनों के ही सामने मतदाताओं का भरोसा जीतने की चुनौती है, वैसे लव शर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

भाजपा प्रत्याशी लव शर्मा स्थानीय पार्षद रह चुके हैं और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वार्ड में उनकी पहचान, राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क उनकी बड़ी ताकत मानी जा रही है। यही कारण है कि चुनावी समीकरणों में उनका पलड़ा फिलहाल मजबूत नजर आता है। हालांकि, वार्ड की सड़कों और व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में हालिया नाराजगी उनके लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे मतदाताओं को साधना उनके चुनाव अभियान का अहम हिस्सा होगा।

बदला वार्ड बना बड़ी चुनौती-

कांग्रेस प्रत्याशी विनोद गौतम के लिए चुनावी राह आसान नहीं है। उनकी पत्नी निशा गौतम पूर्व में वार्ड 64, जो परिसीमन के बाद नया वार्ड 39 बना, से पार्षद रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल में सड़कों, नालों और स्थानीय सरकारी स्कूल में हुए निर्माण कार्यों को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इन मुद्दों को लेकर वार्डवासियों में नाराजगी की चर्चा भी रही थी।

अब विनोद गौतम का वार्ड बदलकर वार्ड 40 से चुनाव मैदान में उतरना उनके लिए नई राजनीतिक परीक्षा है। नए वार्ड में मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और पुराने कार्यकाल से जुड़े सवालों का असर कम करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

स्थानीय मुद्दे तय करेंगे चुनाव की दिशा-

वार्ड 40 में मुकाबला केवल भाजपा-कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों और प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ पर भी निर्भर करेगा। लव शर्मा अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन और स्थानीय संपर्क के भरोसे मैदान में हैं, जबकि विनोद गौतम बदलाव और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के सहारे मुकाबले को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।

निर्दलीय प्रत्याशी भी बिगाड़ सकते हैं समीकरण-

सूत्रों के अनुसार वार्ड 40 में एक या अधिक निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है। चर्चा है कि कांग्रेस समर्थित रणनीति के तहत निर्दलीय प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जा सकता है। ऐसे प्रत्याशी भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर सकते हैं। पिछले चुनाव में भी इस तरह के समीकरण देखने को मिले थे। यदि इस बार भी निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला और अधिक रोचक होने के साथ-साथ भाजपा प्रत्याशी के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

अब देखना यह होगा कि वार्ड की जनता स्थानीय पकड़ और अनुभव पर भरोसा जताती है या बदलाव का रास्ता चुनती है। दोनों प्रत्याशियों के लिए चुनावी राह में कई चुनौतियां हैं। वार्ड 40 का फैसला किसके पक्ष में जाता है, इसका जवाब 14 सितंबर को मतगणना के साथ सामने आएगा।