कोटा: पहले अनिल पर हमला, कार्रवाई नहीं..अब रिंकू हाड़ा पर जानलेवा हमला! रेलवे कॉलोनी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो शायद टल जाता रिंकू पर हमला!, पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी

कोटा: पहले अनिल पर हमला, कार्रवाई नहीं..अब रिंकू हाड़ा पर जानलेवा हमला! रेलवे कॉलोनी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो शायद टल जाता रिंकू पर हमला!, पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी

यतीश व्यास 

कोटा। रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के भदाना में कुछ दिन पहले वाटर सप्लाई व्यवसायी अनिल कुमार पर हुए जानलेवा हमले के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। अनिल कुमार की ओर से हमले के आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत देने और बाद में कोटा सिटी पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपकर कार्रवाई की मांग करने के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के बीच गुरुवार रात करीब 11 बजे शराब कारोबारी रिंकू हाड़ा पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में रिंकू हाड़ा गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका उपचार चल रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे बड़ा सवाल रेलवे कॉलोनी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है कि जब अनिल कुमार ने रिंकू हाड़ा सहित अन्य लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, तो पुलिस ने समय रहते मामले में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की?

अनिल ने लगाए थे गंभीर आरोप-

सूत्रों के मुताबिक, 28 जुलाई को भगत सिंह कॉलोनी, रंगपुर रोड क्षेत्र में वाटर सप्लाई का काम कर रहे अनिल कुमार पर हमला हुआ था। अनिल ने पुलिस को दी शिकायत में कृष्णा केवट, हरीश केवट, सूरज केवट और समीर केवट के खिलाफ नामजद शिकायत दी थी। अनिल का आरोप था कि चौथ माता मंदिर के पास पानी का कैंपर उतारते समय आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उसके सिर पर वार किया। बचाव करने के दौरान उसका हाथ टूट गया। इसके बाद उसे नीचे पटककर पाइप और चाकू से मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया। गंभीर चोटों के बाद अनिल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके हाथ और पैर का ऑपरेशन हुआ।

रिंकू के खिलाफ भी लगाए थे आरोप-

अनिल कुमार ने अपनी शिकायत में शराब कारोबारी रिंकू हाड़ा पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उसका कहना था कि शराब के कथित अवैध कारोबार और शराब की दुकान को लेकर उसके द्वारा शिकायत किए जाने के बाद रिंकू हाड़ा उससे रंजिश रखने लगा था। अनिल ने आरोप लगाया था कि उसके ऊपर हुआ हमला रिंकू हाड़ा के कहने पर कराया गया। हालांकि इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकती है। अनिल ने यह भी आरोप लगाया था कि हमले के बाद हमलावरों ने फोन पर रिंकू हाड़ा को घटना की जानकारी दी और कहा कि उन्होंने अनिल का ‘काम लगा दिया’।

एसपी तक पहुंचा था मामला-

सूत्रों के मुताबिक, रेलवे कॉलोनी थाने में शिकायत देने के बाद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अनिल कुमार ने कोटा सिटी पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम को भी परिवाद दिया था। इसमें उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही मामले में तकनीकी अनुसंधान की मांग की थी। अनिल ने घटना से पहले और घटना के समय आरोपियों के बीच हुई मोबाइल बातचीत की जांच कराने, संबंधित मोबाइल नंबरों की सीडीआर और लोकेशन निकलवाने तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने की मांग की थी।

अब उसी मामले के बाद रिंकू पर हमला-

इसी घटनाक्रम के बीच गुरुवार रात करीब 11 बजे शराब कारोबारी रिंकू हाड़ा पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। हमले में रिंकू गंभीर घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। रिंकू पर हुए हमले के बाद पहले हुए अनिल कुमार के हमले का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच संभावित कड़ियों और पुराने विवाद को भी जांच के दायरे में ले सकती है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिंकू पर हमला करने वाले बदमाश कौन थे और उनका अनिल पर हुए हमले से कोई संबंध है या नहीं।

कार्रवाई में देरी पर उठ रहे सवाल-

पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि अनिल कुमार की शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर थे तो पुलिस ने समय रहते मामले में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की?

सूत्रों के मुताबिक, अनिल की शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उनके खिलाफ समय पर कानूनी कार्रवाई और पूछताछ होती तो घटनाक्रम शायद इस मोड़ तक नहीं पहुंचता। यदि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की तत्काल जांच की होती और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की होती, तो संभव है कि रिंकू हाड़ा पर हुआ जानलेवा हमला टल जाता। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि दोनों घटनाओं का आपस में सीधा संबंध है। इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा।

अब पुलिस के सामने दो महत्वपूर्ण मामले हैं- पहला, अनिल कुमार पर हुआ हमला और उसमें लगाए गए आरोप; दूसरा, रिंकू हाड़ा पर हुआ जानलेवा हमला। ऐसे में पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि अनिल कुमार की शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई, नामजद आरोपियों से पूछताछ हुई या नहीं और तकनीकी साक्ष्यों की जांच क्यों नहीं हुई।

सवाल यह भी है कि पुलिस ने अनिल की शिकायत को गंभीरता से लेकर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की? यह पुलिस की लापरवाही थी या किसी प्रभाव के चलते कार्रवाई में देरी हुई इसका जवाब जांच से ही सामने आएगा।

फिलहाल रिंकू हाड़ा पर हुए हमले के आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यदि पुराने विवाद, मोबाइल लोकेशन, सीडीआर और दोनों घटनाओं से जुड़े लोगों की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच करती है तो पूरे घटनाक्रम की असली तस्वीर सामने आ सकती है।