कोटा- मजदूरों पर बढ़ता बोझ, अधिकारों पर चोट, निजीकरण के खिलाफ शिवगोपाल मिश्रा बोले- कम कर्मचारियों से ज्यादा काम लेना खतरनाक नीति

कोटा- मजदूरों पर बढ़ता बोझ, अधिकारों पर चोट, निजीकरण के खिलाफ शिवगोपाल मिश्रा बोले- कम कर्मचारियों से ज्यादा काम लेना खतरनाक नीति

यतीश व्यास 

कोटा, 1 मई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के मंच से एआईआरएफ के महामंत्री कॉ. शिवगोपाल मिश्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि निजीकरण के नाम पर सार्वजनिक संस्थानों को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों की नौकरी और सामाजिक सुरक्षा दोनों खतरे में हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि तर्कसंगठन के नाम पर पदों में कटौती कर कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार डाला जा रहा है। कम लोगों से ज्यादा काम लेना कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, साथ ही लेबर कोड्स के जरिए श्रमिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिशों पर भी चिंता जताई।

प्रेस वार्ता में यूनियन के सहायक महामंत्री मुकेश गालव भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की समस्याओं को रेलवे बोर्ड स्तर पर उठाया जाएगा।

इससे पहले मजदूर रैली भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में रेलकर्मचारियों ने भाग लिया।